इंटरनेट कैसे काम करता है?How Internet works?

आज के समय में इंटरनेट हमारे जीवन का एक हिस्सा है।आज के समय में,इंटरनेट के बिना कोई भी काम नहीं हो सकता है। इसलिए आज हम जानेगे इंटरनेट कैसे काम करता है ?

हम सब कुछ ऑनलाइन करते हैं,जैसे की:

  • खरीदारी
  • शिक्षा
  • बैंकिंग
  • टिकट बुकिंग
  • सोशल मीडिया (Facebook,Whatsapp,Instagram,etc..)

इंटरनेट क्या है?

इंटरनेट, इंटरकनेक्टेड नेटवर्क(Interconnected Network) का संक्षिप्त रूप है। इंटरनेट को आमतौर पर लाखों कंप्यूटरों को जोड़ने वाले वैश्विक नेटवर्क के रूप में परिभाषित किया जाता है। इससे 190 से अधिक देशों को डेटा, समाचार के आदान-प्रदान के लिए जोड़ा गया है।

इंटरनेट कैसे बना और किसने अविष्कार किया? Invention

इंटरनेट के आविष्कार का श्रेय किसी एक व्यक्ति को दिया जाना असंभव है। इंटरनेट दर्जनों अग्रणी वैज्ञानिकों, प्रोग्रामरों और इंजीनियरों का काम था, जो प्रत्येक नई सुविधाओं और प्रौद्योगिकियों को विकसित करते थे जो अंततः “सूचना सुपरहाइववे” बनने के लिए विलय हो गए थे जिसे आज हम इंटरनेट के रूप मे जानते हैं।

इंटरनेट का पहला काम करने योग्य प्रोटोटाइप 1960 के दशक के अंत में ARPANET, या उन्नत अनुसंधान परियोजनाओं एजेंसी नेटवर्क के निर्माण के साथ आया था। अमेरिकी रक्षा विभाग द्वारा मूल रूप से वित्त पोषित, ARPANET ने एक ही नेटवर्क पर कई कंप्यूटरों को संचार करने की अनुमति देने के लिए पैकेट स्विचिंग का उपयोग किया।

नेटवर्क : यह कई कंप्यूटरों का एक संग्रह है, जो तारों या वायरलेस माध्यम से एक साथ जुड़े हुए होते हैं।

पैकेट स्विचिंग : यह एक तकनीक है जिसमें डेटा के ट्रांसमिशन दौरान उसे छोटे साइज में तोड़ा जाता है,इससे डाटा अपने गंतव्य तक जल्दी पहुंचता है।

इंटरनेट का मालिक कौन है? Who owns Internet?

कोई भी वास्तव में इंटरनेट का मालिक नहीं है, और कोई भी व्यक्ति या संगठन इंटरनेट को पूरी तरह से नियंत्रित नहीं करता है। इंटरनेट एक वास्तविक मूर्त इकाई की तुलना में अधिक अवधारणा है, और यह एक भौतिक अवसंरचना पर निर्भर करता है (relies on physical infrastructure) जो एक नेटवर्क को अन्य नेटवर्क से जोड़ता है।

इंटरनेट कैसे काम करता है? इससे पहले आइए जाने कुछ बुनियादी शब्दावली

ऑप्टिकल फाइबर
ऑप्टिकल फाइबर

आप सोच रहे होंगे कि इंटरनेट उपग्रहों(Satellites) के माध्यम से काम आप सोच रहे होंगे कि इंटरनेट उपग्रहों के माध्यम से काम करता है। लेकिन वास्तव में यह नहीं करता है। डेटा ट्रांसमिट के लिए इन्टरनेट ऑप्टिकल फाइबर का उपयोग करता है। ऑप्टिकल फाइबर एक प्रकार का तार है, जो बहुत ही संवेदनशील और पतला होता है।

इंटरनेट के लिए उपग्रहों का उपयोग नहीं करने का एक बड़ा कारण यह है कि, पृथ्वी और उपग्रह के बीच की दूरी लगभग 35500 किलोमीटर है और एक डेटा प्राप्त करने के लिए सिग्नल को 35500 * 2 किलोमीटर की दूरी तय करनी होगी। यह दूरी बहुत बड़ी है और अधिक समय लेगी ।

Satellite Earth communication
यह सिस्टम इंटरनेट के लिए अच्छा नहीं है क्योंकि इसमें अधिक समय लगता है।

हम सबसे अच्छे परिणाम के लिए ऑप्टिकल फाइबर का उपयोग करते हैं। पहले ऑप्टिकल फाइबर को समुंद्रा के निचले सतह पर बिछाया जाता है,और दुनिया के विभिन्य देशो को इस फाइबर से जोड़ा जाता है। सिस्टम के इस रूप में डेटा ट्रांसफर दर तेज होता है,और हम इस इंटरनेट सुविधा का अधिकतम लाभ उठा सकते हैं।

ऑप्टिकल फाइबर कनेक्शन इस तरह दिखता है
ऑप्टिकल फाइबर कनेक्शन इस तरह दिखता है

डेटा सेंटर (data center) क्या होता है?

डेटा केंद्र केवल केंद्रीकृत स्थान होते हैं जहां कंप्यूटिंग और नेटवर्किंग उपकरण बड़ी मात्रा में डेटा तक पहुंच, भंडारण, प्रसंस्करण, वितरण या अनुमति देने के उद्देश्य से केंद्रित होते हैं। वे कंप्यूटर के आगमन के बाद से एक या दूसरे रूप में मौजूद हैं।

It is a centralized location where large amount of data is processed,stored,collected and distributed to various locations of the globe.

आई प एड्रेस (IP Address)

IP Address किसी नेटवर्क में जुड़े सभी उपकरणों(devices) के लिए एक अद्वितीय पते की तरह है। आपका ISP(Internet Service Provider) आपको एक IP Address प्रदान करता है।

आप इसको कुछ इस तरह समझ सकते है की,जब आप किसी को पत्र लिखते है,तो आप दूसरे तरफ का पता भी उस लिफाफे पर लिखते है। जिससे यह पता लगता है की इस पत्र किसके पास भेजना है। उसी प्रकार IP Address से यह पता लगत है की डाटा(data) किसके पास भेजना है।

इसका उपयोग प्रत्येक डिवाइस को नेटवर्क में विशिष्ट रूप से पहचानने के लिए किया जाता है, ताकि सभी डिवाइस एक दूसरे से बात कर सकें। IP Address 2 प्रकार के होते है।

  • Static IP addresses
  • Dynamic IP addresses

IP Address संख्याओं के रूप में होता है। उदाहरण के तौर पर:

  • 172.48.110.127
  • 142.10.48.125
  • 180.195.210.85

इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर – Internet Service Provider (ISP)

एक ऐसी कंपनी होती है जो अपने लिए इंटरनेट उपलब्ध कराती है। आम तौर पर वे आपसे मासिक आधार पर शुल्क लेते हैं। उनकी अलग-अलग स्पीड (speed) और अवधि (duration) के लिए अलग-अलग योजनाएँ (plans) होती हैं।

डोमेन नेम (Domain Name)

आईपी ​​एड्रेस को याद रखना बहुत मुश्किल है, क्योंकि यह बहुत लंबा है। और हम सभी आईपी एड्रेस को याद नहीं रख सकते हैं। इस समस्या का हल Domain Name का उपयोग करके किया गया। प्रत्येक IP Address के लिए एक अनूठा नाम दिया गया। लोग लंबे नंबरों के बजाय आसानी से नाम याद रख सकते हैं।

उदाहरण के लिए :

IP AddressDomain Name
172.48.110.127google.com
142.10.48.125jaankaripoint.com
180.195.210.85facebook.com

डी एन एस सर्वर(DNS Server)

DNS Server एक server है जो आपको किसी दिए गए डोमेन नेम का आईपी एड्रेस प्रदान करता है। इसका उपयोग इसलिए किया जाता है क्योंकि हम सभी आईपी एड्रेस को याद नहीं रख सकते हैं, लेकिन नेटवर्क में किसी अन्य कंप्यूटर के साथ संचार करने के लिए हमें आईपी एड्रेस पता होना चाहिए और DNS Server हमें उस एड्रेस को प्राप्त करने में मदद करता है।

इंटरनेट कैसे काम करता है?

उपरोक्त सभी शब्दावली को समझने के बाद, अब हम यह जानने की स्थिति में हैं कि इंटरनेट कैसे काम करता है।

इंटरनेट कैसे काम करता है
इंटरनेट कैसे काम करता है

हमें समझने के लिए एक उदाहरण लेते हैं, मान लें कि हम इस वेबसाइट jaankaripoint.com को खोलना चाहते हैं।

  • सबसे पहले हमें ब्राउज़र( Browser : Google Chrome,Opera Mini ) खोलने और डोमेन नेम jaankaripoint.com टाइप करने की आवश्यकता है।
  • इसके बाद आपका ब्राउज़र(Browser) DNS Server को रिक्वेस्ट(request) सेंड करेगा और उससे इस डोमेन का IP Address मांगेंगे।
  • IP Address मिलने के बाद आपका Browser उस IP Address पे रिक्वेस्ट(request) करेगा।
  • अब आपका रिक्वेस्ट(request) ऑप्टिकल फाइबर(optical fibre) के रास्ते सर्वर(data center ) पर जाता है।
  • Data Center मे आपके रिक्वेस्ट(request) को समझा जाता है,जिसे Query Processing बोला जाता है। उसके बाद आपको सर्वर जवाब के रूप है रेसपोंसे(response) मिलता है।
  • ये Response आपको वापस ऑप्टिकल फाइबर(Optical Fibre) के रास्ते आपके मोबाइल या कंप्यूटर के ब्राउज़र(Browser) पे दिखती है।

समझने के लिए कई अन्य शब्दावली हैं, लेकिन यह कुछ बुनियादी जानकारी है कि इंटरनेट कैसे काम करता है।

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